छत्तीसगढ़

माण्ड नदी के चपले एनीकट में हाईड्रो पंपिंग सिंचाई परियोजना का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

Shantanu Roy
8 Jan 2026 9:49 PM IST
माण्ड नदी के चपले एनीकट में हाईड्रो पंपिंग सिंचाई परियोजना का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
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Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड खरसिया अंतर्गत माण्ड नदी पर स्थित चपले एनीकट में संचालित हाईड्रो पंपिंग आधारित सिंचाई परियोजना का आज कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके समय पर पूर्ण होने से उन्हें सीधा लाभ मिलेगा। निरीक्षण के अवसर पर भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बैंगलुरू के प्रोफेसर पुनित सिंह, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग होमेश नायक, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी, तकनीकी अमला तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को परियोजना की तकनीकी जानकारी और अब तक की प्रगति से अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के लिए 292.89 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें से 196.52 लाख रुपए की राशि का अनुबंध संबंधित एजेंसी के साथ किया जा चुका है। वर्तमान में हाईड्रो टरबाइन पंप आधारित प्लेटफार्म का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही प्लेटफार्म से डिस्ट्रीब्यूशन चैम्बर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। चपले एनीकट से हाईड्रो टरबाइन पंप आधारित प्लेटफार्म के मध्य पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से प्रगतिरत है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। परियोजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ जल वितरण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कार्य की गुणवत्ता और गति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। कलेक्टर ने यह भी कहा कि कार्य के दौरान गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण किया जाता रहे। कलेक्टर ने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद चपले एनीकट से पानी को हाईड्रो पंपिंग प्रणाली के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद सिंचाई जल तालाब में संग्रहित किया जाएगा और वहां से फील्ड चैनलों के जरिए आसपास के किसानों के खेतों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे क्षेत्र में रबी और खरीफ दोनों फसलों की सिंचाई सुचारू रूप से हो सकेगी।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भी इस परियोजना को लेकर उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और खेती पर निर्भर लोगों को स्थायी लाभ मिलेगा। साथ ही जल संकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि यह परियोजना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को परियोजना की कार्यप्रणाली और लाभों के बारे में भी समय-समय पर जानकारी दी जाए। निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने की बात कही, ताकि निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूरी कर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ दिया जा सके।
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